साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। शनि, कालसर्प, मंगलदोष, पितृदोष एक झटके में खत्म, बस शर्त ये हैं ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल । भैरव की अघोर शक्ति से और सिद्ध मंत्र से किया गया अभिमंत्रित https://baglamukhi89099.pointblog.net/the-definitive-guide-to-dushman-shanti-89132221